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कानूनी अनुबंध
(कृपया ध्यान दें: इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करने या ₹2000 का भुगतान करने से पहले इस दस्तावेज़ को ध्यान से पढ़ें। इस सिस्टम का उपयोग करने पर यह मान लिया जाएगा कि आप इन सभी शर्तों से कानूनी रूप से सहमत हैं।)
स्वतंत्र डिस्ट्रीब्यूटर/पार्टनर: इस सिस्टम से जुड़ने वाला हर व्यक्ति कंपनी का कर्मचारी, एजेंट या फ्रैंचाइजी नहीं है। वह एक सॉफ्टवेयर यूज़र और स्वतंत्र बिजनेस एसोसिएट (Independent Business Associate - IBA) है।
कोई निवेश योजना नहीं: कंपनी कोई 'इन्वेस्टमेंट स्कीम', 'चिट फंड' या 'मनी सर्कुलेशन स्कीम' नहीं चलाती है। यहाँ लिया जाने वाला शुल्क केवल सॉफ्टवेयर टूल्स, डिजिटल सुविधाओं और बिजनेस मैनेजमेंट सिस्टम के उपयोग के लिए है।
पार्टनर बनने के लिए व्यक्ति की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और वह कानूनी रूप से अनुबंध करने के योग्य होना चाहिए।
रजिस्ट्रेशन के समय दी गई सभी जानकारियां (KYC, पैन कार्ड, बैंक खाता) सही होनी अनिवार्य हैं। गलत या फर्जी जानकारी पाए जाने पर आईडी तुरंत ब्लॉक कर दी जाएगी।
सॉफ्टवेयर एक्टिवेशन शुल्क: सिस्टम को एक्टिवेट करने के लिए ₹2000 (नॉन-रिफंडेबल) का भुगतान करना होगा।
पूरी तरह अपरिवर्तनीय (Non-Refundable): एक बार आईडी एक्टिवेट होने और डिजिटल सेवाएं शुरू होने के बाद, किसी भी परिस्थिति में यह ₹2000 की राशि वापस (Refund) नहीं की जाएगी।
उपयोगकर्ता अपनी पूरी समझदारी और प्लान को अच्छी तरह देखने-परखने के बाद ही स्वेच्छा से भुगतान करें।
कोई फिक्स/गारंटीड income नहीं: कंपनी किसी भी पार्टनर को बिना काम किए, सिर्फ पैसे लगाने पर किसी भी प्रकार के ब्याज, लाभांश या फिक्स रिटर्न (गारंटीड इनकम) का वादा नहीं करती है।
काम आधारित पेआउट: प्लान में दिखाई गई इनकम (₹500, ₹50 प्रति लेवल) या कुल ₹6,12,500 की राशि केवल एक गणितीय उदाहरण है। वास्तविक आय पूरी तरह से आपके और आपकी टीम द्वारा किए गए वास्तविक काम (सफल और वैध रेफरल) पर निर्भर करेगी।
मैट्रिक्स कंप्लीशन: लेवल बोनस और लेवल इनकम का दावा केवल तभी किया जा सकता है जब संबंधित लेवल का मैट्रिक्स (जैसे 5, 25, 125 आदि) पूरी तरह से एक्टिव मेंबर्स द्वारा पूरा और वेरिफाइड हो।
प्रचारक रिवॉर्ड (Promotional Reward): जॉइनिंग पर मिलने वाले 100 इंडियन मर्चेंट कॉइन कंपनी द्वारा दिया गया एक प्रमोशनल रिवॉर्ड/गिफ्ट हैं।
कोई निवेश मूल्य नहीं: इन कॉइन्स को कोई क्रिप्टोकरेंसी, शेयर या वित्तीय सुरक्षा (Security) न समझा जाए। वर्तमान में 1 कॉइन की वैल्यू ₹10 केवल कंपनी के आंतरिक डिस्काउंट सिस्टम के लिए निर्धारित की गई है।
बाजार जोखिम और बदलाव: कंपनी के पास भविष्य में कॉइन के उपयोग, वैल्यू या नियमों को बदलने का पूरा अधिकार है। इन कॉइन्स को सीधे नकद (Cash) में बदलने का कोई कानूनी दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सख्त वेरिफिकेशन: 5वां लेवल पूरा होने पर ₹4 लाख कैश और 'सुपर स्प्लेंडर बाइक' का रिवॉर्ड केवल तभी जारी किया जाएगा जब सभी 3905 मेंबर्स की टीम पूरी तरह से एक्टिव, वैध और वैध रूप से पेड पाई जाएगी।
फेक आईडी/गेमिंग पर रोक: यदि कोई पार्टनर खुद के पैसे लगाकर या नकली/फर्जी आईडी (Fake IDs) बनाकर लेवल पूरा करने की कोशिश करता है, तो उसका रिवॉर्ड तुरंत रद्द कर दिया जाएगा और उसकी आईडी ब्लॉक कर दी जाएगी।
कंपनी का विशेषाधिकार: कंपनी के पास अधिकार सुरक्षित है कि वह बाइक की जगह उसकी एक्स-शोरूम कीमत के बराबर की नकद राशि (लागू टैक्स काटकर) ट्रांसफर कर सके।
भारत सरकार के नियमानुसार, हर पेआउट/कमीशन पर TDS (Tax Deducted at Source) काटा जाएगा, जिसके लिए पार्टनर का पैन कार्ड लिंक होना अनिवार्य है।
सिस्टम के रखरखाव और बैंक ट्रांसफर चार्ज के रूप में कंपनी हर पेआउट पर तय एडमिन चार्ज (Admin Charges) काटने का अधिकार सुरक्षित रखती है।
कोई भी पार्टनर सोशल मीडिया या सार्वजनिक रूप से कंपनी के नाम पर "बिना काम किए लाखों कमाएं", "सरकारी नौकरी जैसी फिक्स इनकम" या "पैसे डबल करने वाली स्कीम" जैसा झूठा प्रचार नहीं करेगा।
यदि कोई पार्टनर कंपनी के खिलाफ भ्रामक प्रचार करता है, टीम में गुटबाजी करता है, या कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है, तो कंपनी बिना किसी नोटिस के उसकी आईडी और सभी कमीशन तुरंत टर्मिनेट (समाप्त) कर देगी।
कंपनी के पास बिना किसी पूर्व सूचना के इस बिजनेस प्लान, कमीशन स्ट्रक्चर, रिवॉर्ड पॉलिसी, कॉइन वैल्यू और इन नियमों व शर्तों में कभी भी बदलाव या संशोधन करने का पूर्ण और अंतिम अधिकार सुरक्षित है। नए नियम वेबसाइट/ऐप पर अपलोड होते ही तुरंत प्रभावी माने जाएंगे।
क्षतिपूर्ति (Indemnity): यदि किसी पार्टनर के गलत व्यवहार, वादे या धोखाधड़ी के कारण सरकार या किसी तीसरे पक्ष द्वारा कंपनी पर कोई कानूनी कार्रवाई होती है, तो उसका पूरा हर्जाना और कानूनी खर्च उस संबंधित पार्टनर को भुगतना होगा।
न्यायिक क्षेत्र (Jurisdiction): किसी भी प्रकार के कानूनी विवाद, शिकायत या मुकदमेबाजी की स्थिति में न्यायिक क्षेत्र केवल कंपनी के मुख्य कार्यालय (Head Office) के अंतर्गत आने वाली स्थानीय अदालत ही होगी।